उप-मण्डल अधिकारी (ना0)
उपमंडल अधिकारी उपमंडल का मुख्य नागरिक अधिकारी होता है। वास्तव में, वह उपमंडल स्तर पर एक लघु उपायुक्त के रूप में कार्य करता है। वह सामान्य मामलों में सरकार एवं विभिन्न विभागों के साथ सीधे पत्राचार करने के लिए सक्षम होता है। वह कार्यपालिका, मजिस्ट्रेटी तथा राजस्व संबंधी कार्यों का निर्वहन करता है।
1. कार्यपालिका संबंधी कार्य
एक कार्यकारी अधिकारी के रूप में उपमंडल अधिकारी उपमंडल से संबंधित विभिन्न प्रशासनिक कार्यों का संचालन करता है।
मुख्य जिम्मेदारियाँ
- कानून एवं व्यवस्था बनाए रखना।
- विकास कार्यों की निगरानी करना।
- स्थानीय निकायों के कार्यों की देखरेख करना।
- मोटर कराधान संबंधी मामलों का प्रशासन।
- पासपोर्ट संबंधी कार्यों का निपटान।
- शस्त्र लाइसेंस जारी करना एवं उनका नवीनीकरण।
- उपमंडलीय कार्यालय एवं प्रशासन की देखरेख।
2. उपमंडल मजिस्ट्रेट के रूप में कार्य
उपमंडल मजिस्ट्रेट के रूप में वह सुरक्षा उपायों को लागू करने तथा उपमंडल में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए उत्तरदायी होता है।
न्यायिक एवं मजिस्ट्रेटी शक्तियाँ
- दंड प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत निवारक उपायों का क्रियान्वयन।
- दंड प्रक्रिया संहिता के निवारक अध्यायों की कुछ धाराओं के अंतर्गत न्यायिक शक्तियों का प्रयोग।
अपील प्राधिकारी
- उपमंडल मजिस्ट्रेट के आदेशों के विरुद्ध अपील जिला एवं सत्र न्यायाधीश के समक्ष की जाती है।
3. राजस्व संबंधी कार्य
राजस्व मामलों में उपमंडल अधिकारी सहायक कलेक्टर ग्रेड-1 के रूप में कार्य करता है।
राजस्व संबंधी जिम्मेदारियाँ
- उपमंडल में राजस्व प्रशासन की निगरानी।
- राजस्व मामलों एवं प्रकरणों का निपटारा।
- कुछ अधिनियमों के अंतर्गत कलेक्टर द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग।
उपमंडल अधिकारी उपमंडल स्तर पर प्रशासनिक दक्षता, कानून एवं व्यवस्था तथा राजस्व प्रशासन को सुचारु रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।