अतिरिक्त उपायुक्त

अतिरिक्त उपायुक्त की भूमिका एवं दायित्व

अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) जिला प्रशासन एवं विकास कार्यों में उपायुक्त की सहायता करता है। अतिरिक्त उपायुक्त जिला स्तर पर विभिन्न सरकारी योजनाओं, विकास कार्यक्रमों एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

प्रशासनिक कार्य

  • जिला प्रशासन के कार्यों में उपायुक्त की सहायता करना।
  • सरकारी नीतियों एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की निगरानी करना।
  • विभिन्न विभागों एवं क्षेत्रीय कार्यालयों के कार्यों का पर्यवेक्षण करना।
  • विभिन्न सरकारी एजेंसियों के मध्य समन्वय स्थापित करना।

विकास संबंधी कार्य

  • ग्रामीण विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की निगरानी करना।
  • विकास परियोजनाओं एवं आधारभूत संरचना कार्यों की प्रगति की समीक्षा करना।
  • पंचायती राज संस्थाओं एवं स्थानीय निकायों से संबंधित कार्यक्रमों का पर्यवेक्षण करना।
  • केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना।

जनकल्याण एवं शिकायत निवारण

  • जन-शिकायतों का निवारण सुनिश्चित करना।
  • नागरिक सेवाओं के प्रभावी वितरण की निगरानी करना।
  • योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु निरीक्षण एवं क्षेत्रीय दौरे करना।

आपदा प्रबंधन एवं निर्वाचन कार्य

  • आपदा प्रबंधन, राहत एवं पुनर्वास कार्यों में सहयोग प्रदान करना।
  • निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं एवं सरकार द्वारा सौंपे गए प्रशासनिक कार्यों का समन्वय करना।

अतिरिक्त उपायुक्त जिला प्रशासन, विकास विभागों एवं आमजन के मध्य एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करता है तथा सुशासन एवं सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करता है।

अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय, रोहतक का विवरण:

दूरभाष– 01262-247589(का.), 01262-250575(का.)

ई-मेल– drdaroh[at]hry[dot]nic[dot]in