तहसीलदार / नायब तहसीलदार
तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार तहसील स्तर पर राजस्व प्रशासन के प्रमुख अधिकारी होते हैं। वे सहायक कलेक्टर ग्रेड-II की शक्तियों का प्रयोग करते हैं तथा राजस्व, कार्यपालिका एवं विकास संबंधी कार्यों में जिला प्रशासन की सहायता करते हैं। विभाजन संबंधी मामलों का निर्णय करते समय तहसीलदार सहायक कलेक्टर ग्रेड-I की शक्तियों का प्रयोग करता है। वे पंजीकरण अधिनियम के अंतर्गत उप-पंजीयक (Sub-Registrar) के रूप में भी कार्य करते हैं।
1. राजस्व संबंधी कार्य
तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार मुख्य रूप से राजस्व प्रशासन तथा सरकारी बकाया राशि की वसूली से संबंधित कार्यों का संचालन करते हैं।
मुख्य जिम्मेदारियाँ
- भूमि राजस्व एवं अन्य सरकारी बकाया राशि की वसूली।
- तहसील में राजस्व प्रशासन की निगरानी।
- राजस्व अभिलेखों का रख-रखाव एवं सत्यापन।
- सहायक कलेक्टर ग्रेड-II की शक्तियों का प्रयोग।
- विभाजन मामलों में तहसीलदार द्वारा सहायक कलेक्टर ग्रेड-I की शक्तियों का प्रयोग।
- कानूनगो एवं पटवारियों के कार्यों की निगरानी एवं नियंत्रण।
2. उप-पंजीयक के रूप में कार्य
तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार पंजीकरण अधिनियम के अंतर्गत उप-पंजीयक के कर्तव्यों का भी निर्वहन करते हैं।
मुख्य जिम्मेदारियाँ
- संपत्ति की खरीद-बिक्री से संबंधित दस्तावेजों का पंजीकरण।
- संपत्ति लेन-देन एवं संबंधित अभिलेखों का सत्यापन।
- पंजीकरण संबंधी नियमों एवं प्रक्रियाओं का उचित पालन सुनिश्चित करना।
3. प्रशासनिक एवं कार्यपालिका संबंधी कार्य
तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार विभिन्न प्रशासनिक एवं कार्यपालिका संबंधी मामलों में जिला एवं उपमंडल प्रशासन की सहायता करते हैं।
मुख्य जिम्मेदारियाँ
- निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण हेतु अपने क्षेत्र का व्यापक दौरा करना।
- राजस्व संबंधी जन-शिकायतों का निवारण।
- कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने में सहायता।
- चुनाव ड्यूटी, जनगणना एवं आपदा प्रबंधन कार्यों में भागीदारी।
- समय-समय पर सरकार द्वारा सौंपे गए कार्यों का निष्पादन।
4. विकास संबंधी कार्य
तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार विभिन्न विकास योजनाओं एवं ग्रामीण कल्याण कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में विकास विभागों की सहायता करते हैं।
मुख्य जिम्मेदारियाँ
- विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में सहयोग।
- सड़कों, नालों एवं तटबंधों के निर्माण कार्यों की निगरानी।
- भूमि संरक्षण एवं भूमि सुधार कार्यों में सहभागिता।
- गलियों के पक्कीकरण एवं निम्न क्षेत्रों को भरने के कार्यों की देखरेख।
- ग्रामीण पुनर्निर्माण एवं विकास संबंधी कार्यों में सहयोग।
तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार स्थानीय स्तर पर राजस्व प्रशासन, ग्रामीण विकास तथा सरकारी नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।